➤ सत्ता के दुरुपयोग से विधायकों और अधिकारियों को डराने का आरोप
➤ आपदा पीड़ितों और विपक्षी नेताओं को प्रताड़ित करने का दावा
➤ कांगड़ा कार्निवल और विभागीय वसूली पर उठाए गंभीर सवाल
शिमला। राजधानी शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिस राह पर चल रहे हैं, वह न तो सही है और न ही उसका अंजाम अच्छा होगा। देवभूमि की राजनीति हमेशा विकास और समन्वय की रही है, लेकिन वर्तमान सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।
जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छोड़ चुके और निर्दलीय विधायकों को सत्ता के दम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। हमीरपुर विधायक आशीष शर्मा के मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मामलों में जहां कार्रवाई खनन विभाग करता है, वहां पुलिस स्वयं पार्टी बनकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक को रोज थाने बुलाकर घंटों बैठाया जा रहा है और जमानत न मिले, इसके लिए गंभीर धाराएं लगाई जा रही हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि केवल एक विधायक नहीं, बल्कि ऐसे आठ विधायक हैं, जिन्होंने सरकार का साथ देने से इनकार किया है और सभी को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने केएल ठाकुर, राजेंद्र राणा, इंद्र दत्त लखनपाल, सुधीर शर्मा, चैतन्य शर्मा, देवेंद्र भुट्टो और रवि ठाकुर सहित कई नेताओं के मामलों का उल्लेख करते हुए राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान जिन लोगों ने अपने परिजन खोए और जिनकी लाशें तक नहीं मिलीं, उन्हें भी थानों में बैठाया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयां प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के खिलाफ हैं।
कांगड़ा कार्निवल पर सवाल
जयराम ठाकुर ने कांगड़ा कार्निवल के नाम पर वसूली को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह सरकारी कार्यक्रम है तो इसके लिए पत्र क्यों जारी किया गया और उसमें आधिकारिक खाता नंबर क्यों नहीं दिया गया। क्या यह नकद वसूली का प्रयास है? उन्होंने कहा कि यदि दान लिया जा रहा है तो लोगों को आयकर छूट का लाभ भी मिलना चाहिए।
आईपीआर और विभागों को चेतावनी
उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग पर भी आरोप लगाए और कहा कि विभाग को राजनीतिक दुष्प्रचार का माध्यम बनाया जा रहा है। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ शब्दों में कहा – “डॉन्ट क्रॉस द लिमिट”। सत्ता स्थायी नहीं होती और अधिकारियों को भविष्य को ध्यान में रखकर काम करना चाहिए।
अवैध कटान और खनन पर सरकार की चुप्पी
नेता प्रतिपक्ष ने बंजार और धर्मपुर में अवैध कटान और खनन के मामलों पर सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहां सत्ता समर्थित नेताओं का मामला होता है, वहां कार्रवाई नहीं होती, जबकि विपक्षी नेताओं को चुन-चुनकर फंसाया जा रहा है।



